Categories

22 September 2026

उत्तराखंड STF का कश्मीर में ऑपरेशन: देशभर में सक्रिय साइबर ठगी के नेटवर्क का पर्दाफाश, दो ठग गिरफ्तार

दोनों आरोपी फर्जी बैंक खातों, मोबाइल सिम और एटीएम कार्ड के जरिये देशभर में साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ा।

उत्तराखंड एसटीएफ साइबर क्राइम टीम ने देशभर में सक्रिय साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर (बड़गाम) से दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अंजाम दी गई, जहां स्थानीय भीड़ ने पुलिस टीम को घेरकर दबाव बनाने की कोशिश की। पूरा ऑपरेशन ऐसे क्षेत्र में किया गया, जहां ग्रेनेड हमले की घटनाएं हुईं हैं।

एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि शौकत हुसैन मलिक और बिलाल अहमद फर्जी बैंक खातों, मोबाइल सिम और एटीएम कार्ड के जरिये देशभर में साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे। जांच में सामने आया है कि इन खातों से जुड़े मामलों में उत्तराखंड समेत देश के सात राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं।

बताया कि गिरफ्तारी के दौरान स्थानीय स्तर पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। पुलिस टीम जब आरोपियों को पकड़कर थाने से न्यायालय ले जा रही थी, तब बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और टीम पर दबाव बनाने की कोशिश की। इसके बावजूद एसटीएफ टीम ने संयम और रणनीति से काम लेते हुए आरोपियों को सुरक्षित हिरासत में लिया और अदालत से रिमांड भी हासिल किया। ऐसे संवेदनशील माहौल में भी एसटीएफ टीम ने साहस और सूझबूझ के साथ मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया।

65 लाख की ठगी का खुलासा

मामला देहरादून के एक 71 वर्षीय बुजुर्ग से जुड़ा है, जिन्हें डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगा गया। ठगों ने खुद को टेलीकॉम विभाग, दिल्ली पुलिस और सीबीआई अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर फर्जी वारंट दिखाया और डराकर करीब 65 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। जांच के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल डेटा के विश्लेषण से इस संगठित गिरोह का खुलासा हुआ। आरोपी फर्जी दस्तावेजों और व्हाट्सएप प्रोफाइल के जरिये लोगों को जाल में फंसाते थे और ठगी की रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर निकाल लेते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन, कई एटीएम कार्ड, आधार-पैन सहित अहम दस्तावेज बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में इन खातों में लाखों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है।

You may have missed