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22 September 2026

चमोली ज़िले के नंदानगर में फटा बादल, कई घर मलबे में दबे, 10 लोग लापता, राहत बचाव कार्य शुरू….

उत्तराखंड में बारिश अपना कहर बरपा रही है। अब चमोली ज़िले के नंदानगर विकासखंड में बुधवार रात बादल फटने से भारी तबाही मच गई।



चमोली ज़िले की घाट तहसील के नंदानगर क्षेत्र में अतिवृष्टि के कारण भारी तबाही हुई है। क्षेत्र के दो गांवों कुंतरी लगा फाली और धुरमा से कुल 10 लोगों के लापता होने की खबर है।  प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट करते हुए लिखा, जनपद चमोली के नंदानगर घाट क्षेत्र में हुई अतिवृष्टि से आस पास के घरों को क्षति पहुंचने की दुःखद सूचना प्राप्त हुई है। स्थानीय प्रशासन एसडीआरएफ व पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। इस संबंध में निरंतर प्रशासन से संपर्क में हूँ और स्वयं स्थिति की गहन निगरानी कर रहा हूँ। ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूँ।

चमोली ज़िले के नंदानगर विकासखंड में बुधवार रात बादल फटने से भारी तबाही मच गई। रात करीब एक बजे फाली लगा कुंतरी, सैंती लगा कुंतरी, धुर्मा और सेरा गांवों में भारी बारिश और बिजली गिरने के बाद मकान मलबे में दब गए। सैंती कुंतरी में दो लोग मलबे में दबे हैं, जबकि फाली लगा कुंतरी से पांच लोग लापता हैं। धुर्मा गांव से भी एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना है।

बारिश इतनी तेज़ थी कि लोग रात में अपने घरों से बाहर निकल भागे। प्रभावित क्षेत्रों में कई गौशालाएं और मवेशी भी बह गए हैं। मोक्ष गाड़ गदेरा उफान पर आ गया, जिससे सेरा गांव में कई मकान बह गए और नंदप्रयाग–नंदानगर मोटर पुल भी खतरे की जद में आ गया। पेट्रोल पंप और पुराना बाजार से जोड़ने वाला पुल भी बह गया है।

थराली क्षेत्र, सोल घाटी और आसपास के गांवों में भी तेज बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कई जगह सड़कें बंद हैं और संपर्क कट गया है। नंदानगर के सालूबगड़ और लांखी जैसे क्षेत्रों में मकानों को खतरा बना हुआ है।जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि राहत और बचाव कार्य जारी है। SDRF और NDRF की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। मेडिकल टीमें और एंबुलेंस भी रवाना कर दी गई हैं। धुर्मा गांव में भी मकानों को नुकसान पहुंचा है, लेकिन जनहानि नहीं हुई है।

 

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