Categories

22 September 2026

प्रेम चंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद उत्तराखंड की राजनीति गर्माई, विरोध में बंद रहीं दुकानें; पूर्व मंत्री ने की अपील

कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद उत्तराखंड में सियासी माहौल गर्मा गया है। मंत्री के इस्तीफे के बाद रविवार शाम देहरादून में यमुना कालोनी स्थित मंत्री आवास पर प्रेमचंद के समर्थक जुट गए और सरकार से इस्तीफा नामंजूर करने की मांग की गई। समर्थकों ने काफी देर तक हंगामा करते हुए दून में चक्का जाम व बाजार बंद करने का एलान किया था। हालांकि, इसकी किसी संगठन, पार्टी या किसी जनप्रतिनिधि ने कोई जिम्मेदारी नहीं ली थी। सोमवार सुबह कई इलाकों में दुकानें बंद भी रखी गई थी। जिसके बाद पूर्व मंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आपकी भावनाओं का सम्मान है लेकिन राजनीति में यह सब होता रहता है। रात को हुई वार्ता के बाद भी प्रेमचंद के आग्रह पर उनके समर्थकों ने चक्का जाम और बाजार बंद करने का निर्णय वापस ले लिया था।
इस दौरान देर रात तक पुलिस प्रेमचंद के आवाज के बाहर पुलिस तैनात रही। उधर, इंटरनेट मीडिया पर भी भावनाओं का ज्वार उमड़ पड़ा। प्रेमचंद के पक्ष व विपक्ष में बड़ी संख्या में प्रतिक्रिया दी जा रही है। कुछ शरारती तत्वों की ओर से इंटरनेट मीडिया पर भड़काऊ संदेश भी प्रसारित किए गए। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट कहा है कि शांति का वातावरण बिगाड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रविवार देर शाम यमुना कालोनी स्थित मंत्री आवास पर जुटे प्रेमचंद अग्रवाल के समर्थकों ने सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए प्रेमचंद पर इस्तीफे का दबाव बनाने का आरोप लगाया। साथ ही इसे मैदानी मूल के व्यक्तियों के साथ अन्याय करार दिया। हालांकि, इस मामले में इस्तीफा देने के बाद से प्रेमचंद अग्रवाल की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। समर्थकों ने ही दून में चक्का जाम करने और बाजार को बंद करने का एलान किया। प्रेमचंद के समर्थकों ने सोमवार को सुबह 11 बजे बंद के समर्थन में घंटाघर पर एकत्रित होने का आह्वान किया है।

 

More Stories

You may have missed