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28 October 2026

चारधाम यात्रा ने तोड़ा रिकॉर्ड — केदारनाथ में 16.52 लाख पार, हालांकि मौसम सतर्क करता रहा

देवभूमि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा ने इस वर्ष नई ऊँचाइयाँ छू ली हैं। बारिश, बर्फबारी और भूस्खलन की चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं का जोश काबिले तारीफ है। विशेषकर केदारनाथ धाम में आज दर्शन करने वालों की संख्या 5614 रही और कुल संख्या अब 16,52,000 से ऊपर पहुँच गयी है — जो 2024 की पूरी यात्राकाल की संख्या (16,52,076) के लगभग बराबर है।

📌 महत्वपूर्ण आंकड़े और विवरण

  • केदारनाथ धाम के कपाट 23 अक्टूबर (भैयादूज) को बंद होंगे। अभी यात्रा लगभग 15 दिन और चलने वाली है।

  • इस वर्ष चारधाम यात्रा 30 अप्रैल को गंगोत्री एवं यमुनोत्री धामों के कपाट खोलकर शुरू हुई थी। उसके बाद 2 मई को केदारनाथ और 4 मई को बद्रीनाथ के कपाट खोले गए।

  • मानसून के दौरान भारी वर्षा, बादल फटना और भूस्खलन की घटनाओं ने यात्रा मार्गों को प्रभावित किया। गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा एक समय रोकनी पड़ी थी।

  • बरसात रुकने के बाद प्रशासन टीमों ने तीव्र गति से कार्य करते हुए मलबे हटाने, मार्गों को बहाल करने, जेसीबी तथा अन्य उपकरणों की व्यवस्था की।

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं प्रदेश सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मार्गों पर सुरक्षा बल तैनात किये, राहगीरों के लिए शरण स्थानों की व्यवस्था की और आपातकालीन टीमों को अलर्ट रखा।

  • प्रशासन ने यात्रियों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी है — विशेषकर मौसम बिगड़ने पर आगे न बढ़ने एवं सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की।

⚠️ चुनौतियाँ और जोखिम

  • मौसम संबंधी उतार-चढ़ाव (बौछारें, बर्फबारी) यात्रियों को प्रभावित कर रहे हैं।

  • तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य संबंधी जोखिम (उच्च ऊँचाई, थकान, हृदय समस्या आदि) जरूर चिंता का विषय रहते हैं।

  • भीड़ एवं ट्रैफिक जाम, विशेषकर संकीर्ण एवं पहाड़ी मार्गों पर नियंत्रण बनाये रखना कठिन रहा है।

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